यह स्रोत किम यो जोंग के जीवन और उत्तर कोरियाई राजनीति में उनके बढ़ते वर्चस्व का विश्लेषण करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे उन्होंने अपने भाई किम जोंग उन की एक साधारण सहायिका से लेकर देश की सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली महिला बनने तक का सफर तय किया। यह पाठ उनके स्विट्जरलैंड में बिताए बचपन, उनकी शिक्षा और प्रोपगेंडा विभाग में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। उनकी छवि एक ऐसी क्रूर शासिका के रूप में उभरी है जो अपने दुश्मनों और गद्दारों को कड़ा सबक सिखाने के लिए जानी जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वह न केवल अपने भाई की मुख्य सलाहकार हैं, बल्कि सत्ता की अगली उत्तराधिकारी भी हो सकती हैं। अंततः, यह लेख उन्हें परमाणु शक्ति से संपन्न दुनिया की सबसे खतरनाक महिला के रूप में चित्रित करता है।
दिखावे पर भरोसा न करें: मासूम चेहरे और मुस्कुराहट के पीछे बेहद खतरनाक और बेरहम इरादे छिपे हो सकते हैं
खामोशी से आगे बढ़ें: उन्होंने शुरुआत में एक शांत 'असिस्टेंट' बनकर काम किया और धीरे-धीरे अपनी वफादारी से देश की दूसरी सबसे बड़ी ताकत बन गईं
इमेज ही पावर है: 'प्रोपगेंडा डिपार्टमेंट' के जरिए उन्होंने साबित किया कि दुनिया के सामने सही नैरेटिव (छवि) पेश करके ही सत्ता और खौफ कायम रखा जा सकता है
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